KIMS Hospital का राज्य स्तरीय मेडिको-लीगल सेमिनार 22 फरवरी को, चिकित्सा और कानून के समन्वय पर होगी चर्चा
बिलासपुर। स्वास्थ्य सेवाओं और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से KIMS Hospital द्वारा राज्य स्तरीय लीगल सेमिनार “Medico-Legal: Aid in Action” का आयोजन किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण सेमिनार 22 फरवरी 2026 को Courtyard by Marriott में आयोजित होगा। इस संबंध में आयोजित मीडिया संवाद में अस्पताल के निदेशक डॉ. रवि शेखर, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुधा राम तथा Indian Medical Association (IMA) के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी। चिकित्सकों को कानूनी जटिलताओं से अवगत कराना मुख्य उद्देश्य आयोजकों के अनुसार, सेमिनार का प्रमुख उद्देश्य चिकित्सकों को मेडिको-लीगल मामलों में आने वाली जटिलताओं, कानूनी प्रक्रियाओं तथा पेशेगत जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे अपनी सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और कानून सम्मत बना सकें। प्रदेश भर से विशेषज्ञों की भागीदारी कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सक, विधि विशेषज्ञ, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी भाग लेंगे। सेमिनार के दौरान निम्न प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी— मेडिकल प्रैक्टिस में कानूनी चुनौतियाँ मेडिकल नेग्लिजेंस (चिकित्सीय लापरवाही) सही दस्तावेजीकरण का महत्व न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया मरीजों के अधिकार और डॉक्टरों की जिम्मेदारियाँ बढ़ते मेडिको-लीगल मामलों के बीच महत्वपूर्ण पहल आयोजकों ने बताया कि वर्तमान समय में मेडिको-लीगल मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में चिकित्सकों के लिए कानून की बारीकियों को समझना अत्यंत आवश्यक हो गया है। यह सेमिनार डॉक्टरों को कानूनी जोखिमों से बचने तथा सही प्रक्रियाओं के पालन के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा। चिकित्सा और कानून के बीच मजबूत सेतु बनने की उम्मीद KIMS Hospital प्रबंधन ने विश्वास जताया है कि यह आयोजन चिकित्सा जगत और विधि क्षेत्र के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करेगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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