बिलासपुर में गूंजा ‘गौ माता राष्ट्र माता’ का जयघोष, श्री गोपाल मणि महाराज ने सुनाई दिव्य गौकथा
बिलासपुर। शनिचरी बाजार क्षेत्र स्थित बिलासपुर गौ सेवा धाम में 31 अगस्त से पांच दिवसीय दिव्य गौकथा का शुभारंभ हुआ। हिमाचल की देवभूमि से पधारे राष्ट्रीय संत एवं गौ गंगा कृपा कांक्षी श्री गोपाल मणि जी महाराज के श्रीमुख से आयोजित कथा के प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गौसेवकों ने भाग लिया। कथा के दौरान पूरा परिसर ‘गौ माता राष्ट्र माता’ के जयघोष से गूंज उठा। कथा के प्रथम दिन महाराज श्री ने धेनु मानस के माध्यम से गौ माता की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गौ माता अपनी महिमा तभी प्रकट करेगी, जब समाज उसका सम्मान करेगा। उन्होंने कहा कि गौ माता को अनुदान नहीं, बल्कि सम्मान चाहिए। उन्होंने गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वेद, पुराण और शास्त्रों में गाय को माता का स्थान दिया गया है, जबकि वर्तमान व्यवस्था में उसे पशु की श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि जिस दिन समाज गौ माता को सम्मान दिलाकर प्रतिष्ठित करेगा, उस दिन भारत भूमि धन्य होगी। महाराज ने गौ माता के विशिष्ट स्वरूप और सनातन संस्कृति में उसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण और सम्मान केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि समाज के लिए चिंतन का विषय है। कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण से हुई। संत श्री गोपाल मणि जी महाराज, श्री सीता शरण जी महाराज, श्री रामअवतार अग्रवाल, श्री शेखर अग्रवाल, विपुल शर्मा, रतन लाल शर्मा, आचार्य सचिन महाराज, संकल्प शुक्ला, गोपाल कृष्ण रामानुज दास सहित अन्य ने पौधरोपण किया। इसके बाद भगवान भोलेनाथ और श्रीकृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की गई और गौकथा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विष्णु पुरोहित, प्रकाश पुरोहित, ओमेश बिसेन, बाबा शर्मा, मंजीत सिंह, बाबूलाल, शुभम शुक्ला, शिवांश पांडे, बंटी गुप्ता, विकास शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु व गौसेवक उपस्थित रहे। कथा के पश्चात आरती और प्रसाद वितरण किया गया। गौकथा का आयोजन 31 अगस्त से 4 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक शनिचरी बाजार स्थित मनोहर होटल के पीछे नाला वाली रोड पर बने बिलासपुर गौ सेवा धाम में होगा। आयोजन समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर दिव्य गौकथा का श्रवण करने की अपील की है।
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