कोरबा में जनसमस्याओं की अनदेखी असहनीय, 19 जनवरी को महापंचायत व चक्काजाम का ऐलान...सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार और आदिवासी अधिकारों को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का जनांदोलन – ईश्वर अरमेक्सन
कोरबा। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ईश्वर अरमेक्सन ने कोरबा जिले की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाला कोरबा जिला आज खुद बदहाल स्थिति में है, जहाँ स्थानीय नागरिकों, श्रमिकों, किसानों और आदिवासी समाज को लगातार उपेक्षा और शोषण का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एसईसीएल की दीपका, गेवरा और कुसमुंडा जैसी विशाल खदानों से राष्ट्रीय हित तो पूरे हो रहे हैं, लेकिन खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क जाम, बढ़ती दुर्घटनाएँ, कोयला परिवहन से प्रदूषण, पर्यावरणीय क्षरण, ठेका कंपनियों द्वारा श्रमिकों का शोषण और स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित किया जाना आम बात हो गई है।प्रदेश प्रवक्ता ने विशेष रूप से दीपका क्षेत्र के सिरकी मोड़ (दादा हीरा सिंह मरकाम चौक) का उल्लेख करते हुए कहा कि भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और कोयला परिवहन के कारण रोजाना आम नागरिकों, स्कूली बच्चों, मरीजों और कामगारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ग्राम झाबर स्थित पवित्र बूढ़ादेव स्थल पर अवैध कब्जे को आदिवासी समाज की आस्था और संस्कृति पर सीधा हमला बताया। साथ ही जर्जर बूढ़ादेव भवन के शीघ्र पुनर्निर्माण, खनन प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की बहाली तथा ठेका कंपनियों में कम से कम 80 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दिए जाने की मांग रखी।ईश्वर अरमेक्सन ने गेवरा–पेंड्रा रेल कॉरिडोर निर्माण को लेकर कहा कि ग्राम देवगांव के किसानों की खेती योग्य भूमि दो भागों में बंट गई है। अंडर ब्रिज या कृषि मार्ग का निर्माण न होने से किसानों को अपने खेतों तक पहुँचने के लिए करीब 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जो उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोरबा जिला संविधान की पाँचवीं अनुसूची में होने के बावजूद निर्वाचित आदिवासी सरपंचों के खिलाफ बिना निष्पक्ष जांच के दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है, जो संविधान, पेसा अधिनियम और आदिवासी स्वशासन की भावना के विरुद्ध है।अंत में प्रदेश प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन द्वारा इन समस्याओं पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी 19 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से सिरकी मोड़ (दादा हीरा सिंह मरकाम चौक) पर एकदिवसीय चक्काजाम एवं धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा, लेकिन इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन की होगी।
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