बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला, युवाओं को रोकथाम की जिम्मेदारी सौंपी गई
बिलासपुर, 21 फरवरी 2026। बाल विवाह की रोकथाम और बाल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में आयोजित हुआ, जिसमें लॉ स्टूडेंट्स, एमएसडब्ल्यू स्टूडेंट्स और युवोदय वॉलंटियर्स ने भाग लिया। कार्यशाला “बाल विवाह मुक्त अभियान” के अंतर्गत आयोजित की गई थी, जिसमें युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। जिले के विभिन्न विकासखंडों से प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया था और प्रशिक्षण का मुख्य फोकस इन्हीं पर केंद्रित रहा। बाल विवाह रोकथाम में युवाओं की अहम भूमिका प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल विवाह की पहचान, रोकथाम तथा संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी देना था, ताकि वे अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने और समय पर हस्तक्षेप करने में सक्षम बन सकें। इस अवसर पर प्रशिक्षकों श्री शशांक शर्मा एवं एनी रोज टोडर ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बाल विवाह से जुड़े कानूनों, फोस्टर केयर और स्पॉन्सरशिप योजनाओं, जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान, समय पर रिपोर्टिंग तथा विभागीय समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की। छात्र-छात्राओं की भागीदारी से बना जागरूकता का माहौल कार्यशाला में स्कूल के छात्र-छात्राओं की भी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम में जागरूकता का सकारात्मक वातावरण बना। साथ ही District Child Protection Unit (डीसीपीयू) के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे और उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने की पहल आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और वॉलंटियर्स को सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें और बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने में सहयोग दे सकें।
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