पेंशनरों का द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन 22–23 फरवरी को, छत्तीसगढ़ से 30 प्रतिनिधि होंगे शामिल
बिलासपुर/रायपुर, 19 फरवरी 2026। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर महासंघ (AISGPF) का द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन 22 एवं 23 फरवरी को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देश के 28 राज्यों से पेंशनर्स प्रतिनिधि भाग लेंगे। छत्तीसगढ़ से प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ के 30 प्रतिनिधि प्रांताध्यक्ष आर.के. थवाईत के नेतृत्व में अधिवेशन में शामिल होंगे। संघ के प्रांताध्यक्ष आर.के. थवाईत ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में सेवानिवृत्त पेंशनरों की अनेक ज्वलंत समस्याएं लंबित हैं, जिन पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रमुख मुद्दों में समय पर महंगाई राहत (डीआर) का भुगतान न होना, कैशलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित रखना, केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में उपलब्ध कराई गई रेल यात्रा सुविधा का बंद होना, आयकर के दायरे से पेंशनरों को मुक्त रखने की मांग, आठवें वेतन आयोग के लाभ को लेकर स्पष्टता तथा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के पेंशनरों पर लागू धारा-49 की प्रतिबद्धताओं को समाप्त करने जैसे विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर इन मुद्दों पर ठोस चर्चा कर पेंशनरों के हित में आवश्यक निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। यह अधिवेशन देशभर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं को संगठित रूप से उठाने और समाधान की दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संबंध में प्रांतीय महामंत्री देवेंद्र कुमार पटेल ने भी जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ राष्ट्रीय स्तर से जुड़ा प्रदेश का प्रमुख संगठन है और राज्य के पेंशनरों की आवाज को प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगा।
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