कांग्रेस भवन में कस्तूरबा गांधी, मौलाना आजाद व डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि तथा संत रविदास जयंती मनाई गई
बिलासपुर। रविवार, 22 फरवरी 2026 को शहर स्थित इंदिरा कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर कस्तूरबा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आजाद और डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि के साथ ही संत रविदास की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेसजनों ने चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में साहस, त्याग और निष्ठा की प्रतीक थीं तथा आदर्श महिला के रूप में उनका स्थान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टा थे, जिनके विचारों और संघर्षों का ही परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में है। वहीं मौलाना अबुल कलाम आजाद को देश का प्रथम शिक्षा मंत्री बताते हुए उनकी शिक्षा नीतियों को आधुनिक भारत की शैक्षणिक संरचना की आधारशिला बताया। कार्यक्रम के संयोजक सैयद जफर अली ने कहा कि कस्तूरबा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह, खेड़ा आंदोलन, असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने संत रविदास को महान समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उनकी वाणी ने सामाजिक समरसता और भक्ति का संदेश दिया। विनोद साहू ने मौलाना आजाद को प्रख्यात विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी नेता बताया, जबकि हरीश तिवारी ने कहा कि डॉ. खूबचंद बघेल महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हुए और कई बार जेल भी गए। दीपक रचेलवार ने बताया कि मौलाना आजाद कम आयु में कांग्रेस के सबसे युवा अध्यक्ष बने तथा हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक थे। डॉ. राहुल सिंह ने जानकारी दी कि कस्तूरबा गांधी वर्ष 1897 में महात्मा गांधी के साथ दक्षिण अफ्रीका गईं और वहां फीनिक्स सेटलमेंट में सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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